नईदिल्ली(ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामनवमी (6 अप्रैल) को तमिलनाडु में भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज (पंबन रेल ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे और पुल के संचालन को देखेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री एक ट्रेन और एक जहाज को भी हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उद्घाटन के बाद पीएम मोदी रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। पीएमओं के अनुसार, दोपहर 1:30 बजे पीएम मोदी राज्य में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में एनएच-40 के 28 किलोमीटर लंबे वालाजापेट-रानीपेट खंड को चार लेन का बनाने का शिलान्यास और एनएच-332 के 29 किलोमीटर लंबे विलुप्पुरम-पुडुचेरी खंड को चार लेन का बनाने का काम, एनएच-32 के 57 किलोमीटर लंबे पूंडियांकुप्पम-सत्तनाथपुरम खंड और एनएच-36 के 48 किलोमीटर लंबे चोलापुरम-तंजावुर खंड को देश को समर्पित करना शामिल है। पुल का सांस्कृतिक महत्व
रामायण के अनुसार, राम सेतु का निर्माण रामेश्वरम के पास धनुषकोडी से शुरू हुआ था।
2.08 किमी लंबा पुल…550 करोड़ खर्च
रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले इस पुल में 99 स्पैन और 72.5 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है, जो 17 मीटर की ऊंचाई तक उठता है। स्टेनलेस स्टील और पूरी तरह से वेल्डेड जोड़ों के साथ निर्मित पुल में कम रखरखाव की जरूरत होगी। इसे भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए दोहरी रेल पटरियों के लिए डिजाइन किया है और एक विशेष पॉलीसिलोक्सेन कोटिंग इसे जंग से बचाती है।
