रीवा(ए)। 31 अक्टूबर 2024 को रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पदमा जाटव की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया।
153 दिन के अंदर दिए फैसले में न्यायालय ने सभी आठों दोषियों को ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर दो लाख 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले की पैरवी कर रहे लोक अभियोजक विकास द्विवेदी के मुताबिक न्यायालय ने इस प्रकरण को विरल से विरलतम प्रकरण मनाते हुए सजा सुनाई है।

‘आवारा नर पैशाचिक लड़कों ने पति-पत्नी दोनों को जीवनभर के लिए कभी खत्म न होने वाली तकलीफ में डाल दिया है। उक्त आरोपितों को भी मृत्यु तुल्य दंड से दंडित करना उचित है। अतः आरोपित को न केवल अधिकतम दंड से दंडित करना उचित है, वरन उन्हें शिक्षाप्रद भारी जुर्माने से भी दंडित कर उक्त राशि पीड़िता के पुनर्वास व भविष्य वनाने के लिए दिलाया जाना न्यायोचित है।’
ऐसी थी घटना
लोक अभियोजक के मुताबिक 21 अक्टूबर 2024 को गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भैरव बाबा मंदिर के समीप नल के पास पति को बंधक बनाकर पत्नी के साथ आठ आरोपितों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए 21 नवंबर को न्यायालय में चालान पेश किया था। 16 जनवरी 2025 से ट्रायल शुरू हुआ था। 20 मार्च को मामले की आखिरी पेशी की गई। 26 मार्च को आरोपितों को अंतिम अवसर दिया गया और दो अप्रैल को सजा सुनाई गई है।
ये हैं सामूहिक दुष्कर्म के दोषी
रामकिशन (28), रावेश गुप्ता (27), रजनीश कोरी (25), दीपक कोरी (24), राजेंद्र कोरी (23) सभी निवासी गुढ़, लवकुश कोरी (23) और गुरुड़ कोरी (26) निवासी नईगढ़ी, सुशील कोरी (19) निवासी रामपुर बघेलान को सजा सुनाई है।